चारधाम यात्रा से पहले व्यवस्थाओं की हकीकत परखने के लिए देर रात जिले में प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में जिले भर में अधिकारियों ने सड़कों, सफाई, होटल-रेस्टोरेंट, परिवहन और बाजार व्यवस्थाओं की जांच की। निरीक्षण में कई स्थानों पर लापरवाही सामने आई। जिलाधिकारी ने रुद्रप्रयाग से कुंड तक राष्ट्रीय राजमार्ग और मरम्मत कार्यों का जायजा लिया।
वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने रुद्रप्रयाग से सुमेरपुर तक सफाई और शौचालय व्यवस्था देखी। मुख्य बाजार में यूरिनल में पानी की कमी और दुर्गंध मिलने पर तत्काल सुधार करने को कह। सड़कों के किनारे नालियों में जमा कचरे पर नाराजगी जताते हुए नियमित सफाई के आदेश दिए। एसडीएम रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ और जखोली ने बाजार व शराब दुकानों की जांच में ओवर रेटिंग के मामले पकड़े।
अपर जिलाधिकारी ने तिलवाड़ा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान शराब दुकानों में ओवररेटिंग की जांच की। कुछ रेस्टोरेंट में घरेलू गैस सिलिंडर के अवैध उपयोग पर सिलिंडर जब्त किए गए। अलग-अलग तहसीलों में एसडीएम और तहसीलदारों ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, सड़कों और दुकानों की जांच कर निर्धारित दरों का पालन करने को कहा गया।
वाहनों और होटल-होमस्टे की भी चेकिंग
परिवहन विभाग ने सुमेरपुर और तिलणी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 28 वाहनों की जांच की, जिनमें 11 का चालान किया गया। कई वाहनों में परमिट, टैक्स, बीमा और ओवरलोडिंग से जुड़ी अनियमितताएं मिलीं। जिला पर्यटन विभाग ने तिलवाड़ा से अगस्त्यमुनि के बीच होटल और होमस्टे की जांच की। एक होटल बिना पंजीकरण और घरेलू गैस उपयोग करते पाया गया, जिस पर कार्रवाई की गई। सिल्ली क्षेत्र में दो अपंजीकृत होमस्टे भी नियमों के विरुद्ध संचालित मिले।
सीएम के निर्देशों के अनुपालन में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे, जिससे कि आगामी यात्रा में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और वे उत्तराखंड के बारे में एक अच्छी और सकारात्मक छवि लेकर यहां से जाएं। विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
