फाल्गुन का महीना हिंदू कैलेंडर का आखिरी और बेहद खूबसूरत महीना माना जाता है। यह महीना न सिर्फ प्रकृति में बदलाव लेकर आता है, बल्कि हमारे मन और भावनाओं पर भी गहरा असर डालता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फाल्गुन मास का सीधा संबंध चंद्रमा से है। अगर इस महीने में आपका मन अशांत रहता है या छोटी-छोटी बातों पर तनाव होता है, तो हो सकता है कि आपकी कुंडली में ‘चंद्र दोष’ हो।
आइए जानते हैं फाल्गुन मास में चंद्र दोष के लक्ष और इसे दूर करने के बेहद आसान उपाय-
फाल्गुन मास और चंद्रमा का कनेक्शन
फाल्गुन के महीने में चंद्रमा अपनी पूरी कलाओं के साथ खिलता है, जिसका चरमोत्कर्ष हमें फाल्गुन पूर्णिमा (होली) पर देखने को मिलता है। ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के जानकारों के अनुसार, चंद्रमा मन का कारक है। जब चंद्रमा कमजोर होता है, तो व्यक्ति को मानसिक बेचैनी, अनिद्रा और घबराहट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। फाल्गुन में चंद्रमा की स्थिति का प्रभाव और भी प्रबल हो जाता है।
चंद्र दोष के लक्षण
कैसे पहचानें कि आप चंद्र दोष से प्रभावित हैं?
अनुभवी ज्योतिषियों के मत के अनुसार, अगर आपको बिना किसी कारण के डर लगता है, माता के साथ संबंधों में तनाव रहता है या आप बहुत ज्यादा भावुक महसूस करते हैं, तो यह कमजोर चंद्रमा के संकेत हैं। फाल्गुन के महीने में ये लक्षण और अधिक उभर कर सामने आ सकते हैं।
चंद्र दोष दूर करने के अचूक उपाय
प्राचीन शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर, फाल्गुन मास में कुछ विशेष उपाय करके आप न केवल चंद्र दोष से मुक्ति पा सकते हैं, बल्कि आपको मानसिक शांति भी मिल सकती है।
भगवान शिव की उपासना: चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं। धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि फाल्गुन में प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करने से चंद्रमा मजबूत होता है।
चंद्र दर्शन और अर्घ्य: फाल्गुन की रातों में चंद्रमा को देखना और चांदी के पात्र से उन्हें दूध मिला हुआ जल अर्पित करना बहुत फलदायी माना जाता है।
सफेद वस्तुओं का दान: ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों के मुताबिक, सोमवार के दिन दूध, चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करने से चंद्र दोष का नकारात्मक प्रभाव कम होता है।
ध्यान और योग: क्योंकि चंद्रमा मन का स्वामी है, इसलिए फाल्गुन के महीने में मेडिटेशन करना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए चमत्कारिक साबित हो सकता है।
