102 और 108 एंबुलेंस सेवा कर्मियों की हड़ताल तीन दिन से लगातार जारी है।
हिमाचल प्रदेश में 102 और 108 एंबुलेंस सेवा कर्मियों की हड़ताल तीन दिन से लगातार जारी है। शनिवार को राजधानी के सीटीओ चौक पर 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी ने प्रदर्शन किया। न्यूनतम वेतन और अन्य मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सीटू के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। कर्मियों ने मंडी शहर में सीटू के बैनर तले विशाल मशाल जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर इन कर्मियों ने कंपनी प्रबंधन और प्रदेश सरकार पर उनका शोषण करने के आरोप भी लगाए। मंडी शहर में इन कर्मियों की ओर से सेरी मंच से लेकर आईटीआई चौक तक यह मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान मीडिया के समक्ष नम आंखों से अपना दर्द बयां करते हुए एंबुलेंस चालक कमलजीत ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से लगातार 12-12 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ओवरटाइम करने का उन्हें एक भी पैसा नहीं दिया जा रहा है। आज उनके भाई विदेशों में लाखों रुपये कमा रहे हैं, लेकिन यहां की सरकार की ओर से उन्हें मात्र 12 हजार का वेतन दिया जा रहा है।
इस नाममात्र के वेतन में उनका गुजारा संभव नहीं है और वे अब देश छोड़ विदेश में नौकरी के लिए मजबूर हो रहे हैं। यहां की सरकार नौकरी के नाम पर केवल कर्मचारियों के साथ छलावा करने में ही लगी हुई है। 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सुमित कुमार ने बताया कि वे सरकार से न्यूनतम वेतन मजदूरी की मांग कर रहे हैं। लेकिन लगातार उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इसके साथ मजदूरों और श्रमिकों के हक में बनाए गए श्रम कानूनों और कोर्ट के आदेशों को भी इन सरकारों की ओर से दरकिनार किया जा रहा है। दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन भी अब तानाशाही पर उतर आया है और अपने हक में आवाज उठाने वाले कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। लेकिन अब सरकार व कंपनी की मनमानी एंबुलेंस कर्मी बिल्कुल भी बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं। आने वाले समय में उनकी यह हड़ताल और उग्र रूप लेगी। गाैरतलब है कि यह कर्मी अपनी मांगों को लेकर पांच दिवसीय हड़ताल पर हैं, जिसका असर प्रदेश के सभी बड़े अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं पर साफ-साफ दिख रहा है। वहीं इस बीच मरीजों को हो रही दिक्कतों ने स्वाथ्य विभाग और सरकार की भी चिंता को बढ़ा दिया है।
