हिमाचल प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 8 करोड़ 97 लाख 90 हजार रुपये जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में भारी बारिश से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की है। जिनके मकान रहने योग्य नहीं रहे, उन्हें किराये के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 8 करोड़ 97 लाख 90 हजार रुपये जारी किए हैं। इसी क्रम में क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त लाभार्थियों को जारी की गई है। वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेशभर में लगभग 16,488 परिवार प्रभावित हुए।
इस दौरान 2,246 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त और 7,888 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। सरकार ने विशेष राहत पैकेज के तहत मुआवजा राशि में कई गुना बढ़ोतरी की गई है। गत तीन वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, जिससे निजी एवं सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। प्रदेश को 16,500 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है। वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से विशेष राहत पैकेज जारी किया था।
वर्ष 2025 में भी इस पैकेज को जारी रखते हुए प्रभावितों को समुचित वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा के आकलन के लिए आई केंद्रीय टीम ने 9,042 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान लगाया था। राज्य सरकार ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को विशेष प्राथमिकता प्रदान की।
सरकार ने अपने संसाधनों से विशेष राहत पैकेज के तहत पूर्णतया क्षतिग्रस्त मकानों के लिए दी जाने वाली राहत राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकानों के लिए सहायता राशि 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। घरेलू उपयोग की वस्तुओं के नुकसान पर दी जाने वाली राहत राशि को 2,500 रुपये से बढ़ाकर मकान मालिकों के लिए 1 लाख रुपये तथा किरायेदारों के लिए 50 हज़ार रुपये किया गया है।
शहरी क्षेत्रों में दिया जा रहा 10,000 रुपये किराया
राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को शहरी क्षेत्रों में 10,000 और ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये प्रति परिवार किराया दे रही है। सरकार की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के 2,817 परिवार और शहरी क्षेत्रों के 88 परिवार लाभान्वित हुए हैं।
