हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कई उपनगर अंग्रेजी शासकों के दिए नाम से आज भी काफी मशहूर हैं। खास बात यह है कि अंग्रेजों के रखे ये नाम सिर्फ बोलचाल में ही प्रचलित नहीं है बल्कि सरकारी कामों में भी इन्हीं नामों का इस्तेमाल होता है।
ब्रिटिश शासनकाल के दौरान देश की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिमला शहर में आजादी के 78 साल बाद भी कई उपनगर अंग्रेजी शासकों के दिए नाम से मशहूर हैं। शहर में बने कई भवनों, उपनगरों और रिहायशी काॅलोनियों के अंग्रेजी नाम जानकर यहां घूमने आने वाले सैलानी भी हैरान होते हैं।
खास बात यह है कि अंग्रेजों के रखे ये नाम सिर्फ बोलचाल में ही प्रचलित नहीं है बल्कि सरकारी कामों में भी इन्हीं नामों का इस्तेमाल होता है। अंग्रेजी शासनकाल के दौरान शहर में बने रिपन, लेडी रीडिंग जैसे भवनों के नाम तो आजादी के बाद बदल दिए गए लेकिन उपनगरों, रिहायशी कॉलोनियों के नाम आज भी पुरानी पहचान बनाए हुए हैं। कई बार शिमला समेत कई काॅलोनियों के नाम बदलने की मुहिम भी चलाई गई लेकिन सिरे नहीं चढ़ी।
शिमला शहर सात पहाड़ियों का क्षेत्र माना जाता है जिसमें जाखू हिल, इन्वरआर्म हिल, ऑब्जर्वेटरी हिल, प्रॉस्पेक्ट हिल, समरहिल, बैंटनी हिल और एलिसियम हिल शामिल हैं। इन पहाड़ियों पर बसे रिज, मालरोड, स्कैंडल प्वाइंट, बालूगंज, अनाडेल, ऑकलैंड, वाइसरीगल लॉज, समरहिल प्रमुख पर्यटक स्थल भी हैं जहां पूरा साल सैलानियों की आवाजाही रहती है। इनके अलावा शहर में स्ट्राबरी हिल्स, टॉलैंड, हिमलैंड, कैलस्टन, लॉन्गवुड, ओकवुड, ओकओवर, नॉर्थ ओक, बॉथवेल, समिट्री उपनगरों के नाम भी अंग्रेजों के रखे हुए हैं।
ज्यादातर लोग नहीं जानते तिलकनगर, भगत सिंह रोड
शहर के बालूगंज क्षेत्र का नाम अंग्रेजी शासक के नाम पर रखा गया था। हालांकि इसका पुराना नाम तिलकनगर था जिसे ज्यादातर लोग नहीं जानते। इसी तरह गंज सड़क भगत सिंह रोड के नाम से जानी जाती है लेकिन लोगों को इसका भी ज्यादा पता नहीं है। शहर में कई स्थान ऐसे हैं जिनके पुराने नाम अब बदल चुके हैं।
भवनों के नाम से इलाके को मिली पहचान
शहर में कई इलाके ऐसे भी हैं जिन्हें यहां बने भवनों के नाम से पहचान मिली है। यूएस क्लब, कनेडी हाउस, बीसीएस, लेडी रीडिंग, ब्रिटिश रिजॉर्ट आदि भवनों के नाम से अब यह पूरा इलाका जाना जाता है। इन सभी ऐतिहासिक भवनों की अपनी दिलचस्प कहानियां हैं।
अंग्रेजों ने बसाया था शहर, इसीलिए नाम भी अंग्रेजी के ही : राजा भसिन
प्रसिद्ध लेखक और इतिहासकार राजा भसिन कहते हैं कि शिमला का कोई पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। यहां कितने गांव थे, क्या नाम थे, ये मौजूद नहीं हैं। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान अंग्रेजों ने ही इस शहर को बसाया और स्थानों का नामकरण किया। यही नाम अब दशकों से चर्चित हैं। इन्हीं से शिमला की पहचान है। इन्हें बदलने का भी कोई कारण नहीं दिखता।
