प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहम आर्थिक मंत्रालयों के बड़े अधिकारियों से मंगलवार को कहा कि सरकार को युवा और भविष्य की सोच रखने वाली होनी चाहिए। यह संदेश उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ जेन जी के विरोध-प्रदर्शनों के बीच इंस्टाग्राम पर अपनी बात रखने के कुछ दिनों बाद दिया।
वित्त, वाणिज्य, उद्योग और टेक्नोलॉजी से जुड़े मंत्रालयों के सचिवों और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जारी बयान में पीएम ने कहा, “सरकार को हमेशा युवा, गतिशील और भविष्य की सोच रखने वाली होनी चाहिए, जो तेजी और इनोवेशन के साथ नई चुनौतियों और मौकों के हिसाब से खुद को ढालती रहे।”
पीएम मोदी ने सक्रिय भागीदारी पर दिया जोर
उन्होंने अहम सेक्टर में युवा उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया और अधिकारियों से कहा कि वे इंडस्ट्री से सलाह-मशविरा करके ऐसे कोर्स तैयार करें जिनसे वर्कफोर्स (काम करने वाले लोग) को उभरते हुए सेक्टर में जरूरी स्किल्स मिल सकें।
हालांकि शिक्षण संस्थान बड़ी संख्या में इंजीनियर, प्रोफेशनल और ग्रेजुएट तैयार कर रहे हैं लेकिन अक्सर इंडस्ट्री के लिए स्किल गैप (कौशल की कमी) एक चुनौती बनकर उभरा है और इंटर्नशिप स्कीम के जरिए सरकार की स्किलिंग पहल का अब तक वैसा असर नहीं हुआ है जैसा होना चाहिए था।
गलत जानकारी से निपटने के लिए भी दिया संदेश
इसके अलावा पीएम मोदी ने एक और अहम संदेश गलत जानकारी (डिसइन्फॉर्मेशन) से निपटने के बारे में दिया। बयान में कहा गया, “पीएम ने उन रणनीतिक सेक्टर में सक्रिय रूप से बातचीत करने की अहमियत पर भी जोर दिया जहां देश बड़े कदम उठा रहा है, ताकि ऐसी कोशिशों के बारे में गलत जानकारी और बेबुनियाद डर का मुकाबला किया जा सके।”
उन्होंने हर पॉलिसी और फैसले के केंद्र में नागरिकों को रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। बयान में कहा गया, “इस बात पर जोर देते हुए कि सुधार सिर्फ एक फैशनेबल शब्द नहीं बल्कि असरदार गवर्नेंस के लिए लगातार जरूरी हैं पीएम ने प्रोसेस में सुधार करने, काम करने के कल्चर को बेहतर बनाने और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।”
