देश के युवा रिनाउनड शूटरों में शामिल हुए शूटर कल्पेश उपाध्याय
दिल्ली में चल रही अखिल भारतीय शूटिंग प्रतियोगिता में रहे विजेता l
अपने गृह जनपद बागेश्वर और उत्तराखण्ड का नाम किया रोशन
ओलंपिक में गोल्ड मैडल लाना है कल्पेश उपाध्याय का लक्ष्य
आशीष तिवारी: Kalpesh: दिल्ली के डॉ॰ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में चल रही 67 राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड के होनहार युवा पिस्टल शूटर कल्पेश उपाध्याय ने 10 मीटर पिस्टल शूटिंग प्रतिस्पर्धा में 600 में से 533 अंकों से क्वालिफाई होकर देश के युवा रिनाउनड शूटरों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज किया है l 13 वर्षीय कल्पेश उपाध्याय अभी पिस्टल शूटिंग में सब यूथ कैटेगरी में खेलते हैं, सब यूथ कैटेगरी में क्वालिफाई करने के लिए 600 अंकों में से 522 अंकों की जरूरत होती है, कल्पेश उपाध्याय ने 600 अंकों में से 533 अंक लेकर राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में क्वालिफाई किया lपिछले वर्ष कल्पेश उपाध्याय मात्र 4 अंकों से भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में बाहर हो गये थे lशूटिंग के खेल में हर वर्ग में एक निश्चित स्कोर के बराबर अंक लाने वाले निशानेबाज को रिनाउनड शूटर की उपाधि मिलती है, और रिनाउनड शूटर की उपाधि मिलने के बाद वह निशानेबाज खेलने हेतु सीधे विदेश से टैक्स फ्री पिस्टल / राईफल और गोली आदि इम्पोर्ट करवा सकता है l

शूटिंग के खेल हेतु भारत में पिस्टल / राईफल और गोली आदि सब विदेश से इम्पोर्ट किया जाता है जिस कारण यह खेल काफी महंगा माना जाता है l
रिनाउनड शूटर की उपाधि मिलने के बाद अब कल्पेश उपाध्याय(Kalpesh) अपने खेल के अभ्यास के लिए सीधे अपने नाम पर पिस्टल और गोली इंपोर्ट कर सकेंगे, भारत सरकार की ओर से रिनाउनड शूटरों के लिए विदेश से हथियार इम्पोर्ट करने पर टैक्स बिल्कुल फ्री है जिसका फायदा अब कल्पेश उपाध्याय उठा सकेंगे lदिल्ली में हुई इस राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता से पूर्व दिसंबर माह में ही कल्पेश उपाध्याय ने बिहार में हुई शूटिंग प्रतियोगिता में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए क्वालिफाई किया था l 9 वर्ष की अवस्था से ही पिस्टल शूटिंग के खेल में कल्पेश उपाध्याय ने अभी तक दर्जनों प्रतियोगिताओं में विभिन्न मैडल अपने नाम किये हैं l

रिनाउनड शूटर लिस्ट में नाम आने के बाद अब कल्पेश उपाध्याय अगले 1 वर्ष तक किसी भी क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लिये बिना सीधे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार भाग ले सकेंगे, वर्ष भर समय समय पर देश के अनेक हिस्सों में भारतीय राइफ़ल संघ द्वारा शूटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है lकल्पेश उपाध्याय अब जून में भोपाल मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के लिये अपनी तैयारी करेंगे, भोपाल में जून में होने वाली इस शूटिंग प्रतियोगिता में सिर्फ वही शूटर भाग ले सकेंगे जिन्होंने दिल्ली में हुई राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में क्वालिफाई किया है l
दूरभाष पर कल्पेश(Kalpesh) उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में वो अपने कोच के मार्गदर्शन में रोज लगभग 8 से 10 घंटा अभ्यास करते हैं और ओलंपिक में अपने देश के लिए गोल्ड मैडल लाना मेरा लक्ष्य है और इसके लिए मुझको अभी बहुत ज्यादा तैयारी करनी है, अपने खेल को और ज्यादा सुधारना है, कल्पेश उपाध्याय ने आत्मविश्वास के साथ बताया कि कुछ वर्षो की तैयारी और अभ्यास के बाद मैं एक दिन जरूर देश के लिए ओलंपिक में मैंडल लाऊंगा l वर्तमान में देहरादून रहने वाले 13 वर्षीय कल्पेश उपाध्याय मूलतः जनपद बागेश्वर के ग्राम भतौडा के रहने वाले हैं और पूर्व राज्य मंत्री भाजपा नेता भूपेश उपाध्याय के सुपुत्र हैं, कल्पेश 9 वर्ष की आयु से ही पिस्टल शूटिंग का खेल खेल रहे हैं और तब से अनेक प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओ में गोल्ड मैडल सहित अनेक मैडल प्राप्त कर चुके हैंl

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