Hanuman Jayanti: राजधानी सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आज हनुमान जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कीजो केसरी के लाल…मेरा छोटा सा यह काम…तुम रक्षक काहो का डरना..जैसे भजन शहर में गूंज रहे हैं। भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही है। वहीं शहरभर में धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे है।
शनिवार को हुनमान जन्मोत्सव(Hanuman Jayanti) के लिए शहरभर के विभिन्न मंदिरों को भव्य सजाया गया है। दोपहर में शिवाजी धर्मशाला से श्री बालाजी महाराज की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें मथुरा-वृंदावन की झांकी समेत कई झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।

150 कलाकार शिव बारात की झांकी में शामिल हुए। वहीं, चुक्खुवाला में शिव राम मंदिर में हनुमानजी की मूर्ति स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया गया। अध्यक्ष अरुण शाह ने बताया कि कलश यात्रा निकालकर रामायण के पाठ का समापन हुआ। इसके बाद भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया गया।
आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव यानी चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल को सुबह 3:21 बजे शुरू होगी और इसका समापन 13 अप्रैल को सुबह 5:51 बजे होगा।
हनुमान जन्मोत्सव(Hanuman Jayanti) पर श्रीराम और हनुमानजी का सच्चे मन से स्मरण करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। हनुमानजी शक्ति, भक्ति और अटूट विश्वास के प्रतीक हैं।
इस दिन हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना विशेष लाभकारी माना जाता है। संध्या के समय दक्षिण मुखी हनुमान जी के सामने मंत्र जाप करने का काफी महत्व है।

जामुनवाला स्थित एकादशमुखी हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर हनुमानजी की भव्य आरती की गई। पुजारी पंडित जागृत सुवेदी ने पूजा-अर्चना कराकर आरती की। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। पंडित जागृत ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
हनुमान जयंती के अवसर पर चमोली कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में स्थित मन्दिर में हनुमान भक्तों ने हनुमान चालीसा पाठ किया। साथ ही भक्तों को प्रसाद वितरण किया।
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