टिहरी: Chardham Yatra 2025: उत्तराखंड में 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा. वहीं यात्रा काल में यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों ना हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है. वहीं यात्रा काल में यात्रियों का ‘अतिथि देवो भव’ की तर्ज पर स्वागत किया जाएगा. जिससे वो यहां से अच्छे अनुभव साथ लेकर जाएं.
आगामी चारधाम यात्रा(Chardham Yatra 2025) की शुरुआत होने जा रही है और टिहरी जिला चारधाम यात्रा का मुख्य केंद्र है. जो भी देश विदेश के श्रद्धालु चारधाम की यात्रा पर आता है, उसे केदारनाथ बदरीनाथ जाने के लिए टिहरी जिले के ऋषिकेश-देवप्रयाग-कीर्तिनगर-श्रीनगर होते हुए जाना पड़ता है. गंगोत्री, यमनोत्री जाने के लिए टिहरी जिले के ऋषिकेश-चम्बा-धरासू से गुजरना पड़ता है. ऐसे में यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है. टिहरी सीएमओ डॉ. श्याम विजय ने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर 29 एम्बुलेंस, जिसमें 13 एम्बुलेंस 108 सेवा की और 16 एम्बुलेंस स्वास्थ्य की तैनात रहेंगी.
साथ ही 20 स्वास्थ्य केंद्र इकाई हैं, जिसमें सभी डॉक्टर, स्टाफ औषधियों समेत पूरी सुविधाओं के साथ तैनात रहेंगे. विभाग ने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर 20 किलोमीटर की दूरी पर टोल फ्री नंबर के साथ बड़े-बड़े होर्डिंग, बैनर लगाए हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके.स्वास्थ्य विभाग की कोशिश रहेगी कि सभी श्रद्धालुओं को ‘अतिथि देवो भव’ के तहत अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिल सके और वो अच्छा संदेश लेकर जाए.
वहीं दुर्घटना होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एम्बुलेंस के साथ 15 मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुंचेगी. उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा(Chardham Yatra 2025) मार्ग पर 76 चिकित्साधिकारी, 21 फार्मासिस्ट, 29 नर्सिंग अधिकारी, 38 कक्ष सेवक और 28 स्वच्छक समेत टोटल 192 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात रहेगा. 29 एम्बुलेंस यात्रा मार्ग पर तैनात की गई हैं.

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