Eco Tourism Uttarakhand उत्तराखंड में पर्वतीय पर्यटन के विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। वर्ष 2015-16 से अब तक विभिन्न पर्यटन योजनाओं के लिए 284 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उत्तराखंड को जारी की जा चुकी है।लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने पर्वतीय पर्यटन सर्किट के विकास के लिए केंद्र द्वारा जारी योजनाओं के संबंध में प्रश्न पूछा।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने उत्तर देते हुए बताया कि स्वदेश दर्शन, स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद, सीबीडीडी और एसएएससीआई योजनाओं के तहत हिमालयी राज्यों में कुल 1726.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 1200.46 करोड़ रुपये अब तक जारी हो चुके हैं।उत्तराखंड में इस अवधि के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली। वर्ष 2015-16 में केदारनाथ धाम के एकीकृत विकास के लिए 34.77 करोड़ रुपये जारी किए गए। बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रा सुविधा विस्तार हेतु 2018-19 में 56.15 करोड़ स्वीकृत हुए, जिनमें से 38.38 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के विकास के लिए 54.36 करोड़ में से 10.5 करोड़ रुपये जारी किए गए। वहीं 2024-25 में ऋषिकेश में राफ्टिंग बेस स्टेशन विकास के लिए 100 करोड़ रुपये में से 66 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसी अवधि में चंपावत टी-गार्डन अनुभव परियोजना, पिथौरागढ़ के गूंजी ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर, माणा और जादूंग ग्राम वाइब्रेंट विलेज परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा कुमाऊं क्षेत्र में विरासत परिपथ विकास और टिहरी झील क्षेत्र में साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए केंद्र ने महत्वपूर्ण धनराशि जारी की है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों में पर्यटन के सतत विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर निवेश कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में पर्वतीय पर्यटन को बढ़ावा देने और नई परियोजनाओं के लिए और अधिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
