जापान ने 20 अरब डॉलर की भारी भरकम रकम खर्च करके जिस एयरपोर्ट को तैयार किया था, वह धीरे-धीरे डूब रहा है। जापान के ग्रेटर ओसाका एरिया में स्थित यह एयरपोर्ट आर्टिफिशियल द्वीप पर बना है, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि इमारतों के बोझ से दब रहा है। कानसाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 4 सितंबर, 1994 में उद्घाटन किया गया था। यह ओसाका द्वीप को पूरी दुनिया से जोड़ता है। यही नहीं ओसाका इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रैफिक का दबाव भी इसकी वजह से कम हुआ है। इसे 20 अरब डॉलर की रकम खर्च करके बनाया गया था। अहम बात यह है कि 2016 में यह एशिया का 30वां सबसे बिजी और जापान का तीसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट था।
अब पर्यावरण के जानकारों का कहना है कि अगले कुछ सालों में यह हवाई अड्डा पूरी तरह से डूब सकता है। ओसाका के अलावा क्योटो और कोबे के लोगों के लिए भी यह एयरपोर्ट आवाजाही का एक बड़ा केंद्र रहा है। इसका रनवे 4000 मीटर लंबा है, जो ज्यादातर हवाई अड्डों की तुलना में करीब दोगुना है। द्वीप पर यह एयरपोर्ट समुद्र तट से करीब दो मील की दूरी पर स्थित है। 1987 में इस पर काम शुरू हुआ था और फिर 7 सालों में पूरा हुआ था। अपने निर्माण के बाद से ही यह एयरपोर्ट एविएशन हब बन गया था। यह हवाई अड्डा रिमोट इलाके में बना था। ऐसे में यहां से 24 घंटे उड़ानें चलती हैं और इससे कोई व्यवस्था भी भंग नहीं होती।

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