urine colour सामान्य यूरिन हल्का-पीले रंग का होता है जो कणों से मुक्त होता है। यूरिन कभी-कभी गाढ़े पीले रंग का हो जाता है। यूरिन कई रंगों में दिख सकता है जो अलग-अलग स्वास्थ्य की स्थिति को दर्शाते है।गाढ़ा पीला यूरिन डिहाइड्रेशन को दर्शाता है। इस आर्टिकल में आपको अलग-अलग तरह के यूरिन में बदलाव के बारे में बताएंगे साथ ही साथ अलग-अलग कारकों के बारे में बताएंगे जो यूरिन के रंग को प्रभावित करती है।

1. यूरिन का पीला होने के लक्षण urine colour
यूरिन का कलर गाढ़ा पीला होना B विटामिन की ज्यादा मात्रा होने को दर्शाता है। विटामिन-B के सप्लीमेंट्स लेने से यूरिन का कलर गाढ़ा पीला हो जाता है। यूरिन का कंसन्ट्रेशन बढ़ने पर पेशाब का कलर पीला होता जाता है। यह शरीर से पसीना बहने या ऐसी किसी चीज से भी हो सकता है जिसमें शरीर से तरल पदार्थ बहता हो।

यूरिन में पीला कलर यूरोक्रोम से आता है, यूरोक्रोम एक तरह का वेस्ट प्रोडक्ट है। हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स में पाए जाने वाला प्रोटीन होता है। रेड ब्लड सेल्स का लाखों की संख्या में नवीनीकरण होता है, इसलिए शरीर को पुरानी कोशिकाओं को तोड़ना होता है।3. यूरिन के अलग-अलग कलर:
इस भाग में यूरिन के अलग-अलग कलर के कारणों के बारे में बताएंगे लेकिन आपको किसी-किसी परिस्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
(i)ऑरेंज यूरिन-
कुछ तरह के ड्रग्स या दवाईयाँ लेने से ऑरेंज यूरिन आ सकता है। ऑरेंज यूरिन के कारकों के आहार में ज्यादा मात्रा में गाजर लेना शामिल है क्योंकि इसमें कैरोटीन नामक पदार्थ होता है।

(ii)रेड यूरिन-
यूरिन में पाए जाने वाला हेमाट्यूरिया यूरिन के रेड होने का मुख्य कारण है। यूरिन का रेड होने का बीटरूट और ब्लैकबेरीज़ को डाइट में शामिल करना भी कारक है।
(iii)पर्पल यूरिन-
एक तरह की अवस्था जिसे पोरफिरिया कहा जाता है यूरिन के पर्पल होने का कारक है। पोरफिरिया एक तरह का चयापचय डिसऑर्डर है।
4. यूरिन में गंध क्यों आती है ?
यूरिन ट्रैक्ट इन्फेक्शन होना।
किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें।

5. डॉक्टर को कब दिखाएं ?
कुछ तरह के यूरिन के कलर में बदलाव डाइट बदलने से हो जाता है। डॉक्टर को तब दिखाएँ जब डिहाइड्रेशन से बीमार हो जाए या आपको डिहाइड्रेशन की वजह नहीं पता हो। डिहाइड्रेशन वैसे तो किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है लेकिन यह छोटे बच्चों और बूढ़े लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है। रेड कलर का यूरिन आने पर आपको डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। अगर आपको यूरिन के कलर में बदलाव पर कोई संदेह है तो डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा अगर आपको 2-3 दिन से ज्यादा बदलाव दिख रहे है तब भी डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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