संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के हंगामे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संसद गुंडागर्दी की जगह नहीं है और कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला के कक्ष में दुर्व्यवहार किया। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के सदन में आने पर अराजकता फैलाने की योजना बनाई थी, जिससे बहस बाधित हुई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए कांग्रेस सदस्यों की कड़ी आलोचना की और कहा कि संसद गुंडागर्दी करने की जगह नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर स्पीकर ओम बिरला के कक्ष में दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया।
साथ ही कहा कि विपक्ष स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उसके पास उन्हें हटाने लायक संख्या बल नहीं है।
कांग्रेस सांसदों का व्यवहार अस्वीकार्य
बिरला की ओर से प्रधानमंत्री को सदन में सुरक्षा के प्रति दी गई चेतावनी पर रिजीजू ने कहा कि कांग्रेस सांसदों का व्यवहार अस्वीकार्य था। उन्होंने कहा, ”स्पीकर के कक्ष में कांग्रेस सदस्यों के व्यवहार की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। जब कांग्रेस के नेता का खुद पर कोई नियंत्रण नहीं है, तो स्पीकर ने जो किया वह सही।”
कांग्रेस ने बनाई थी अराजकता फैलाने की योजना
रिजीजू ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के सदन में आने पर कांग्रेस ने अराजकता फैलाने की योजना बनाई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से कागजात छीनने की योजना बनाई थी। संसद गुंडागर्दी की जगह नहीं है। लेकिन सरकार ने संयम से काम लिया। हर चीज की एक सीमा होती है।
सरकार को किसी भी मुद्दे को पास कराने में कोई दिक्कत नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”सरकार के पास बहुमत है और सरकार को किसी भी मुद्दे को पास कराने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन हम चाहते हैं कि हर चीज बहस के बाद पारित हो। हम सदन चलाना चाहते हैं, लेकिन अगर कांग्रेस सदन को काम नहीं करने देती है और बजट ध्वनिमत से पास हो जाता है, तो इसका सबसे अधिक असर विपक्षी सांसदों पर पड़ेगा, क्योंकि उन्हें इस पर बोलने का मौका नहीं मिलेगा।
हमने पहले ही सभी राजग सांसदों की सूची जमा कर दी है जो बजट पर बहस में बोलेंगे। अगर सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिलता है, तो इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार होगी।”
सरकार विपक्ष से बात करने के लिए तैयार
रिजीजू ने कहा कि सरकार विपक्ष से बात करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ”अब मैंने सुना है कि राहुल (गांधी) चार बिंदुओं (शर्तों) के साथ स्पीकर से मिलने गए थे, जिसमें सांसदों का निलंबन वापस लेना भी शामिल है। उन्होंने मुझसे ऐसी बातें नहीं कहीं। सरकार की तरफ से हम बहुत स्पष्ट हैं कि हम चाहते हैं कि सदन शुरू से ही और आज भी ठीक से चले। लेकिन मैं ऐसी स्थिति से सहमत नहीं हो सकता जहां विपक्ष के नेता राहुल गांधी बोलेंगे, आरोप लगाएंगे, फिर हंगामा करेंगे और दूसरों को बोलने नहीं देंगे।
ऐसा नहीं होगा। हम इससे सहमत नहीं होंगे। अगर कांग्रेस बोलती है, तो हम इस बात पर जोर देंगे कि अन्य सदस्यों को भी बोलने दिया जाए। हम सिर्फ कांग्रेस को बोलने की इजाजत नहीं देंगे। बोलने की इजाजत देने का मतलब है कि सदन को सुचारू रूप से चलना चाहिए। आप बोलेंगे और आप कुछ बेवजह के मुद्दों पर बोलेंगे और फिर दिक्कतें होंगी। हम स्पीकर को मुश्किल में नहीं डाल सकते और न ही आप स्पीकर को गुमराह कर सकते हैं।”
