विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बाद अब रामनगर वन प्रभाग ने भी अपने अधीन आने वाले लोकप्रिय पर्यटन जोनों में जंगल सफारी का लुत्फ उठाने वाले सैलानियों को बड़ा झटका दिया है। वन विभाग ने साहसिक पर्यटन और डे-सफारी के लिए मशहूर सीतावनी समेत तीन प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में नेचर गाइड के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह नई संशोधित व्यवस्था आज यानी शुक्रवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अब यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को सफारी के लिए अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी।रामनगर वन प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला कॉर्बेट नेशनल पार्क की गाइड फीस संरचना के साथ एकरूपता लाने के लिए किया गया है।
पुरानी दरें: इससे पहले तक इन जोनों में पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान गाइड को साथ ले जाने के लिए 900 रुपये का भुगतान करना पड़ता था।
संशोधित दरें: चूंकि हाल ही में कॉर्बेट पार्क प्रबंधन ने गाइड शुल्क में 100 रुपये की वृद्धि की थी, इसी को आधार मानते हुए अब रामनगर वन प्रभाग के पर्यटन जोनों में भी गाइड फीस में 100 रुपये का इजाफा कर दिया गया है।रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत सीतावनी, भंडारपानी और कालाढूंगी हेरिटेज बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पर्यटन जोन माने जाते हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए विभाग यहाँ कड़े नियम लागू करता है:
सफारी का शेड्यूल: इन तीनों पर्यटन जोनों में रोजाना सुबह और शाम के शिफ्ट में 60-60 जिप्सियों (कुल 120 जिप्सियां) के जरिए पर्यटकों को डे-सफारी पर ले जाया जाता है।
क्यों जरूरी है गाइड:
वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर सफारी वाहनों के साथ वन विभाग के पंजीकृत नेचर गाइड का होना अनिवार्य है। ये गाइड यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी पर्यटक जंगल के भीतर उतरकर या किसी अन्य तरीके से सफारी के नियमों का उल्लंघन न करे। पर्यटन कारोबारियों और गाइड एसोसिएशन का मानना है कि इस बढ़ोतरी से स्थानीय स्तर पर नेचर गाइड्स को आर्थिक संबल मिलेगा, हालांकि अचानक लागू हुई इन दरों से वर्तमान में आए पर्यटकों को थोड़ा अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।
