ज्योतिष शास्त्र में कई योग को बेहद शुभ माना गया है, जिनमें बुधादित्य राजयोग को शक्तिशाली योगों में से एक माना गया है। यह योग 15 जून को बनने जा रहा है। ग्रहों के राजा सूर्य और बुद्धि के प्रदाता बुध ग्रह मिलकर इस योग का निर्माण करेंगे। इस योग के बनने से राशियों को करियर और कारोबार में सफलता प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
वर्तमान में सूर्य देव वृषभ राशि में विराजमान हैं। 15 जून को सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन में प्रवेश करने जा रहे हैं। मिथुन राशि में बुध पहले से विराजमान हैं। सूर्य और बुध की इस शुभ युति से शक्तिशाली बुधादित्य राजयोग (Budhaditya Rajyoga 2026) का निर्माण होगा, जिसका प्रभाव राशि के जातकों पर पड़ेगा। अगर आप इस शुभ अवसर का लाभ प्राप्त और कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं, तो इस लेख में बताए गए उपाय जरूर करें।
बुधदेव को प्रसन्न करने के उपाय
भगवान गणेश की पूजा- बुध ग्रह के इष्ट देव भगवान गणेश हैं। ऐसे में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना जरूर करें। पूजा के दौरान प्रभु को दूर्वा अर्पित जरूर करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से बुध दोष शांत होता है और कामों में आ रही बाधा दूर होती है।
पन्ना धारण करें- अगर आपकी कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में है, तो ऐसे में पन्ना रत्न धारण करें। ऐसा माना जाता है कि पन्ना रत्न से कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इसके लिए आप किसी ज्योतिषीय सलाह जरूर लें।
हरी वस्तुओं का दान करें- बुधदेव को प्रसन्न करने के लिए मंदिर या गरीब लोगों में साबुत हरी मूंग की दाल, पालक, हरे फल या हरे कपड़ों का दान जरूर करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से साधक को जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
बुध मंत्र का जाप करें – बुध देव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए 15 जून को सुबह स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना करें। इस दौरान ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:’ या ‘ॐ बुं बुधाय नम:’ का जप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से काम में आ रही बाधा दूर होती है और साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
