हल्द्वानी: Kailash Mansarovar Yatra: उत्तराखंड से होकर गुजरने वाली ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार फिर से शुरू हो रही है. विदेश मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल 30 जून को उत्तराखंड में प्रवेश करेगा. 50-50 सदस्यों के 5 दल इस बार कैलाश मानसरोवर यात्रा(Kailash Mansarovar Yatra) करेंगे. यात्रा संबंधित सभी तैयारियां कुमाऊं मंडल विकास निगम और पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है.

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए पर्यटक आवास गृह और समुचित व्यवस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम को दी गई है. जबकि नाभीढांग तक सड़क ठीक करने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) और पिथौरागढ़ जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा में आने वाले यात्रियों को न सिर्फ उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा. बल्कि यहां की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को भी उन्हें देखने का मौका मिलेगा.

खास बात यह है कि करीब 5 साल बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख पास मार्ग से संचालित की जाएगी. दरअसल पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास से हर साल आयोजित होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा(Kailash Mansarovar Yatra) कोरोना के दस्तक के बाद साल 2020 से संचालित नहीं हुई. लेकिन इस साल उत्तराखंड सरकार और भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है.

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